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पांवटा साहिब — लम्बे अरसे के बाद कांग्रेस आला कमान ने चुप्पी तोडते हुए आखिरकार हरप्रीत सिंह रतन को पांवटा कांग्रेस का मण्डल प्रधान बना ही दिया। हालांकि इस दौड में कई कांग्रेसी थे किन्तु बाजी मारने में हरप्रीत सिंह अव्वल रहे।
अब हरप्रीत के मण्डल प्रधान बनने के बाद से विवाद शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर लोगबाग वह तस्वीरे साझा कर रहे है जिसमे ंकि वे भाजपा आला कमान नेता जेपी नड्डा के साथ एक मंच पर खडे है और भाजपा में शामिल हो गये थे। जिसे लेकर लोगबाग शहरभर में ‘मौका परस्त’ की संज्ञा देने से बाज नही आ रहे है।
सनद यह भी रहे कि पांवटा कांग्रेस में अन्दरूनी गुटबाजी के चलते उनको यह सब झेलना पड़ रहा है। वही अवनीत सिंह लाम्बा भी इसी दौड में थे हरप्रीत सिंह खुद बयां कर रहे है कि वे जिलाध्यक्ष के पद पर आसीन होना चाहते थे किन्तु ऐसा नही हुआ और वे कह रहे है कि ज्यादा से ज्यादा दो माह में काफी बदलाव कांग्रेस में देखने को मिलेगा। लोगबाग यह भी कहने से नही चूक रहे है कि कांग्रेस प्रत्याषी को हराने के लिये इन लोगो को सुखराम की ‘बी’ टीम कहकर सम्बोधित किया जाता रहा है। जिसके चलते कुछ समय पूर्व भाजपा का दामन थाम लिया था।इसी के चलते कुछ लोग चर्चा कर रहे है और ‘बे पैन्दी का लोटा” भी कहने से नही चूक रहे है हालांकि सारी बाते सभी वार्तालाप मौखिक है किन्तु सत्यता यही है कि कुछ समय पूर्व भाजपा का दामन थामा था और अब मौका मिलते ही कांग्रेस में शामिल हो गए। और मण्डल प्रधानी के पद पर आसीन भी हो गए।
किसी ने बातो बातो में यहां तक बोल दिया कि ”जहां जहां देखा भरी परात वही वही नाचे सारी रात”
