पांवटा साहिब — शहर में लगातार और निरन्तर बढ रहे अपराधो को लेकर शहर के बुद्धिजीवियो के माथे पर चिन्ता की लकीरे देखी जा सकती है। साथ ही अवैध तरीके से देवभूमि में घुसपैठ कर रहे घुसपैठियो को लेकर प्रशासन और सरकार के पास कोई ठोस नीति या रणनीति दूर दूर तक नजर नही आरही है। कानून की असफलता को देखते हुए अपराधी सीमावर्ती क्षेत्र होने के चलते बेखौफ हो गये है। जिसे लेकर जनता में आक्रोश पनप गया है।
ऐसा नही है कि प्रशासनिक अधिकारियो को इस समस्या को लेकर चेताया नही गया है। किन्तु अधिकारी आते है और अपना समय पूरा कर चुपचाप निकल लेते है। बाद में आने वाला देखेगा कि क्या समस्या है।
बाहरी राज्यो से लगातार शहर में पनप रहे रेहडी वाले, फल वाले, सब्जी विक्रेता, कवाडी, हेयर सैलून और माइक लगातार अन्य सामान बेचने वालो की नजर सामान बेचने पर घरो की रेकी करने पर ज्यादा होती है। हालांकि पुलिस के संज्ञान में सब कुछ है। किन्तु कार्यवाही के नाम वही ढाक के तीन पात वाली कहात शहर में बीते लम्बे अरसे से चरितार्थ हो रही है।
अभी हाल ही में एक माह में तीन नाबालिग बच्चियो के शव यमुना नदी में मिले जिसे लेकर हिन्दूवादी संगठन लामबद्ध हो गये बीते रोज प्रशासनिक अधिकारियो को खुल्लेआम चेतावनी भी दी गयी कि जोरदार प्रदर्शन होगा। दूसरी ओर पुलिस की ओर से भ्रान्तियां ना फैलाने वाली प्रेस विज्ञप्ति भी जारी हुई। किन्तु बच्चियो के परिजनो को न्याय और काूनन के रखवालो की नाकामी देखते हुए लोगो में आक्रोश पनपता दिखाई दे रहा है। जिसमें कि रेहडी फडी वाले, बाल्मीकी चौक से लेकर वाई प्वाइंट तक एक ओर बाहरी राज्यो के लोगो की लगी रेहडी फडी और सरकारी जमीन पर अवैध कव्जे जिसे लेकर लोनिवि एकदम नाकारा साबित होरहा है शहर में अपराध बढवाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
सूत्र बता रहे है जैसा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो हो रहे है कि अभी थोडी ही देरोपरान्त एक विशाल रोष प्रदर्शन पुलिस थाना मैदान में लोग एकत्रित होने है जहां वे इंसाफ की मांग करेगे।
और यदि प्रशासन सचेत रहता है तो बाहरी राज्यो से घुसपैठ करने वालो की पुलिस वैरीफिकेशन, पहचान हैयर सैलूनो की बाढ आदि आदि पर लगाम लगाते हुए शहर के लोगो को अमन शान्ति की ओर रहने के लिये अग्रसर कर सकता है।
