पांवटा साहिब :— हालांकि यह चुनाव पार्टी सिम्बल पर नही है। किन्तु स्थानीय स्तर पर राजनैतिक लोगो ने इसे पार्टी बनाम आम जनता बना दिया है। निकाय चुनावो की गतिविधियां तेज हो चली है। जिसमें भयंकर किस्म की हलचल हो गयी है। इसी हलचल के चलते वार्ड नम्बर 12 में गरमाहट बीते दो दिनो से देखने को मिल रही है। बीते चुनाव में ममता सैनी ने यहां बाजी मारी थी। बाजी क्या मारी लोगो की उम्मीदो पर उनकी भावनाओ की कसौटी पर खरी भी उतरी विकास भी करवाए और काम भी करवाए और लगातार विकासात्मक कार्यो को प्राथमिकता दी। जिससे वार्ड नम्बर 12 के निवासियो को फायदा भी हुआ मसलन सडके पक्की हुई चोडी भी हुई ओर मकानो व जमीनेा दाम भी आसमान छुए यह बहुत बडा फायदा पहुचाया सााफ सफाई मे यह वार्ड अब्बल रहा किन्तु सडक किनारे जीरा धनियां बेचने वालो को यह बात हजम नही हुई जैसे तैसे पार्टी में स्थान मिला तो अपना कुनबा अपनी पार्टी की सोच लिए ममता सैनी का विरोध शुरू कर दिया और अन्ततोगत्वा ममता सैनी को निर्दलीय प्रत्याषी के तौर पर ताल ठौकनी पडी। अब ममता सैनी जो विकास की डगर मे तीव्र गति से दौडने वाली प्रत्याशी है ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ताल ठौक दी और मेैदाने जंग में कूद पडी। यहां यह भी बताना चाहेगे कि वार्ड नम्बर 12 से सडक किनारे भाजपा के जीरा धनियां वेचने वाले अपने किसी रिश्तेदार को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे है। हालांकि उनकी यह मनोकामना ख्याली पुलाव साबित होगा किन्तु अपने पद की हैकडी, पद का दुरूपयोग भाजपा की नीति और वंशावलि आदि आदि का समागम होते हुए पटखनी ही खाने और एक सीट गवाने का परिणाम साबित होने वाला है।
और बात करे वंशावलि की तो पूर्व मंत्री ने वार्ड नम्बर 5 में गर्भ में ही कत्ल कर डाला है। जो सितारा आगामी समय में उभरता हुआ सितारा होने वाला था उसका अपनी वंशावलि आगे बढाने को अभी हाल ही में कत्ल कर डाला। ताकि निकट भविष्य में कोई दावेदारी पेश ना कर सके यह कडवा सत्य है।
