पांवटा साहिब — बीते रोज तीन बजे चुनाव प्रचार बन्द हो गया चुनाव आयोग के आदेशानुसार। नामांकन प्रक्रिया से पूर्व ही भारतीय जनता पार्टी के सिपाही मैदाने जंग मे कूद चुके थे हालांकि कुछेक गलत निर्णय भी लिए गये जो कि जनता के गले नही उतरे किन्तु फिर भी भाजपाईयो ने चुनावी प्रचार के दिनो में जीतोड मेहनत की जो कि काविलेतारीफ है। हालांकि इस पूरे कार्यकाल में चौ0 सुखराम की अस्वस्थता और अनुपस्थिति लोगो को अखरती किन्तु जैसे जैसे उनकी हालत मे सुधार हुआ वे वीडियो काल के माध्यम से जनता से जुडे रहे और अपना सन्देश देते रहे। इतना ही उन्होने अपनी बेटी को प्रतिनिधित्व सौपते हुए चुनाव प्रचार के लिये उतार दिया हालांकि बेटी नवनीत कौर के पैर में भारी मोच थी किन्तु दर्द की तडपन की परवार किए बगैर अपने पिताश्री की आज्ञा का पालन करने में उन्होने कोई कमी नही छोडी एक एक दिन में कई कई सभाऐ की। इसके साथ साथ मण्डल प्रधान हितेन्द्र कुमार, जिलाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, पवन चौधरी, अनिल सैनी, चरणजीत सिह उर्फ जोगा महिला मोर्चा जिलाध्यक्षा शिवानी वर्मा आदि आदि ने दिन रात एक कर दिया और चौ0 सुखराम का सन्देश हर वार्ड में पहूंचाते रहे और जनता को आगाह भी करते रहे कि आगामी 2027 में भाजपा की प्रदेश मेंसरकार बनने वाली है अत: भाजपा समर्थिम उम्मीदवारो को ही मत प्रदान करे ताकि नगर पालिका में भाजपा का चेयरमैन /चेयरपर्सन बन सके और शहर विकास की ओर अग्रसर हो।






दूसरी ओर मदन शर्मा ने मोर्चा सम्हाला वे वार्डो केसाथ साथ प्रधानी, जिला परिषद में भी कडी मेहनत करते दिखाई दिए सोशल मीडिया के जमाने सोशल प्लेटफार्म में कही ना कही वीडियो में और चित्रो मे दिखाई दिए जिससे स्पष्ट होताहै कि भाजपा के सिपाही तन मन और धन से फील्ड में काम करते रहे।
यह भी सत्य है कि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अपने आपको काग्रेस प्रत्याषी बताने से कतराते रहे क्यो कि बीते साढे तीन सालो में शहर मे विकास कार्य ठप्प पडे हुए है और स्थानीय विधायक चौ0 सुखराम विपक्ष की भूमिका निभा रहे है जिस कारण सरकार ने पांवटा साहिब की अनदेखी की । जिससे जनता में काफी रोष देखा जा रहा है।
