पांवटा साहिब — निकाय चुनाव 2026 के चुनाव की प्रथम प्रक्रिया में अजाबो गरीब माहौल था। हालाकि पितामह की टीम रिटर्निंग आफीसर के बाहर पूरी नजर बनाए हुए थी। आलम यह था कि भाजपा ने एक साथ लगभग सभी प्रत्याषियो को लेकर गाजे बाजे के साथ कई दिग्गजो को साथ लेकर नामांकन भरा हालांकि कुछेक भाजपा के स्थम्भ नदारद थै । किन्तु इस परीक्षा की धडी में चौ0 सुखराम की कमी सभी को खल रही थी।
ठीक इसी तर्ज पर कुछेक लोगो ने गुपचुप तरीके से नामाकंन भरा हालांकि मधुकर डोगरी ने शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन भरा और कईयो ने शान्ति पूर्वक नामाकन प्रक्रिया पूरी कर घर को निकल लिए।
पूरे दोनो दिनो के इस हुए चुनावी वातावरण में कुछ ऐसा माहौल था कि जो दिख हवा के साथ रहा था वह हवा के साथ नही था। वह दीये के साथ साथ जैसा कि चुनाव में अक्सर होता है। और बाकी के दो दिन में कुछ ऐसेभी गठजोड हुए है कि चुनाव कही से भी कैसे भी या व्यक्तिगत तौर पर लडे जहां विजयश्री प्राप्त करने के बाद जाना है तो जाना तय है। यह भी सुनिश्चित हो गया है।
अब यह भी काबिलेजिक्र है कि आज चौधरी सुखराम ने अस्वस्थ होने के कारण वार्ड नम्बर 6 और 13 के लोगो की एक बैठक बुलाई थी जिसमें फैसला क्या हुआ यह तो पता नही चल सका किन्तु चौ0 सुखराम के मैदान में आते ही एक नई उम्मीद भाजपा को जगी है कि वे पांवटा की राजनीति के चाणक्य माने जाते है और जोरदार व दमदार गणतिज्ञ भी है वे किसी भी समय कैसे भी साम दाम दण्ड भेद की नीति को अपनाकर माहौल को भाजपा के पक्ष में तय करने में महारथ भी हासिल रखते है। जैसा कि उन्होने कई विधानसभा चुनावो में और निकाय चुनावो मे कर दिखाया हद्यै।
