पांवटा साहिब — अबकी मर्तबा जट्णी राजनैतिक तौर पर विकराल रूप में दिखेगी वह है हरविन्दर कौर । पिछली बार वार्ड नम्बर6 से हार का मुंह देख चुकी किन्तु दो मर्तबा वार्ड्नम्बर 5 के लोगो ने जीत का सेहरा उनके ही सिर बांधा था। और अब वे घर की कई जिम्मेवारियो का पूर्णतया निर्वहन करने के बाद सामाजिक सेवा में जुट जाना चाहती है। खासबात यह भी है कि भाजपा के निर्णय से भी वार्ड के कई लोग नाखुश है इधर कांग्रेस की माने जाने वाली प्रत्याषी के साथ वह व्यक्ति नामांकन भरवाने गया जिसका खुद का नजदीकी रिश्तेदार अभी हाल ही में भाजपा में शामिल हो गया। इधर भाजपा की बीते कल की पत्रकार वार्ता में भी अन्तरकलह की बू आई। दूसरी ओर वार्ड नम्बर 13 में भी भाजपा के निर्णय से जनाक्रोश पनपा है वही दूसरी ओर वार्ड नम्बर 12 में भाजपा पिस्टल से तोप उडाने के ख्यालीपुलाव पका रही है। यहां कहावत चरितार्थ होती है कि बन्दर को अदरक की गाठ क्या मिल गयी वह अपने आपको पंसारी समझ बैठा।
हरविन्दर कौर के मामले में जब वार्ड के लोगो से बातचीत की गयी तोसंवेदनशील माहौल में लोगो ने, महिलाओ ने गुप्त तरीके से बताया कि उनकी पहली पसन्द हरविन्दर कौर ही है और दो मर्तबा उनको आजमा भी चुके है। वार्ड के हर व्यक्ति के दुख में सुख में सदैव शरीक होती रही है और बीते पांच सालो में और भी अधिक प्रगाढ सम्बन्ध बनाए है कि जेसे वार्ड के लोग नही मतदाता नही उनका परिवार हो और सदैव वार्ड के लोगो के साथ खडी दिखाई दी है। जिससे वार्ड के लोगो के दिलो दिमाग पर उनकी छाप है।
