पांवटा साहिब — शहर में उस समय स्थिति ऐसी बनी जब नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होना था किन्तु चुने हुए जन प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नही हुए और अपनी खुद की स्थिति ऐसी बना ली जैसे कोई सुहागिन हो किन्तु विधवा जैसी लगे। हालांकि भाजपा समर्थित सभी चुने हुए पार्षद पूरे दम खम के साथ बैठक में पहूंचे किन्तु काग्रेसियो की काली करतूतो को देखते हुए और आगामी भविष्य को देखते हुए निर्दलियो ने भी भाजपा को ही चुना।
इधर एसडीएम पांवटा की अध्यक्षता में आहूत हुई बैठक में उनको अन्ततोगत्वा यह कहना पडा कि नियमानुसार कोरम पूरा नही हुआ है अत: आगामी तारीख शीघ्र ही सुनिश्चित कर दी जाएगी। तमाम मीडिया कर्मियो के सन्मुख भावी चेयरपर्सन निर्मल कौर ने भी एक सवाल के जवाब में कार्यकारी अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खडे किए इधर अन्य पार्षदो ने भी चुनाव के पश्चात काले चिट्टठे उजागर करने की बात कही है। जिससे कथित तौर पर हुए षडयन्त्रो ओर घोटालो का पर्दाफाश होने की सम्भावनाओ से इंकार नही किया जा सकता।
ना सडके बनी ना खड्डे भरे स्ट्रीट लाइटै भी नही जलती :— शहर की स्थिति इन बीते चार वर्षो में ऐसी हो गयी है कि आजमन परेशान है। शहर में एक भी सडक नही बन सकी है कार्यकारी अधिकारी माह में एक दो दिन ही उपस्थित रहती है जिससे विकास कार्य ठप्प पड गये है। बिजली के खम्बो पर स्ट्रीट लाइटे नही है जिससे असामाजिक तत्वो और चोरियो में इजाफा हो रहा है। आम लोगो के वाहन खराब हो रहे है सडक दुर्घटनाओ में इजाफा हुआ है।
यहां एक कवि की पंक्तियां याद आती है कि :— अपनी ही करनी का फल है नेकियां रूसवाईयां आपके पीछे चलेगी आपकी परछाईयां।
बीते चार वर्षो का परिणाम जनता ने बता दिया है नगर परिषद, बीडीसी, जिला परिषद आदि आदि सभी चुनावो में कांग्रेस का सूपडा साफ हुआ अत: स्थिति स्पष्ट है 2027 में क्या होने वाला है। और कुछेक कांग्रेसियो को बैकाक में मसाज कराने से फुरसत मिले तब ना।
