पांवटा साहिब — वह कहावत तो सभी ने सुनी होगी कि ” सिर मुडाते ही ओले पड़ गए” यहां पूर्ण रूपेण चरितार्थ हो गयी है। यह आरोप उप प्रधान हितेन्दर चौधरी ने लगाते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है जिस पर भाजयुमो के अध्यक्ष संयम गुप्ता ने पुष्टि करते हुए मुहर लगा दी है।
आरोप है कि बिना बहुमत के कार्यकारिणी गठन कर डाला और कहा कि बाहरी लोगो का हस्तक्षेप कतैई स्वीकर नही है।
बताते चले कि आज उपप्रधान संघ की बैठक को लेकर क्षेत्र के उपप्रधानों ने स्पष्ट किया है कि संघ के मामलों में किसी भी बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उपप्रधानों ने कहा कि बैठक के संबंध में 49 उपप्रधानों में से किसी को भी दूरभाष के माध्यम से बैठक की कोई सूचना नहीं दी गई थी। इसके बावजूद बैठक में केवल 15 उपप्रधान ही उपस्थित रहे। उपस्थित उपप्रधानों में से भी दो उपप्रधानों का कहना है कि उन्हें बहला-फुसलाकर बैठक में बुलाया गया था।
उपप्रधानों ने कहा कि मात्र 15 उपप्रधानों की उपस्थिति में, बिना व्यापक सहमति एवं बहुमत के कार्यकारिणी घोषित करना उचित लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है। किसी उपप्रधान की बैठक में उपस्थिति को उस कार्यकारिणी के गठन के लिए उसकी सहमति नहीं माना जा सकता।
उन्होंने दो टूक कहा कि उपप्रधान संघ किसी बाहरी व्यक्ति के इशारे पर नहीं, बल्कि उपप्रधानों की सामूहिक सहमति और जनता के हितों के आधार पर चलेगा। हम जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और जनता के विश्वास एवं सहयोग से चुने गए हैं। हमारा दायित्व जनता के प्रति है और हम जनता के हित में ही कार्य करेंगे।
उपप्रधानों ने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाने तथा उनके समाधान के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम हैं। हमें अपने कार्यों के लिए किसी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप या सहारे की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उपप्रधान संघ से संबंधित कोई भी निर्णय सभी उपप्रधानों को विश्वास में लेकर, उनकी राय और बहुमत के आधार पर ही लिया जाना चाहिए। बिना सूचना, पर्याप्त उपस्थिति और बहुमत के घोषित की गई कार्यकारिणी को उपप्रधान संघ की सर्वसम्मत कार्यकारिणी नहीं माना जा सकता।
संयुक्त रूप से बयान जारी करने वाले उपप्रधानों में हितेन्द्र कुमार (ब्यास), धर्मेंद्र कुमार (जामनीवाला), अरविंद कश्यप (पुरुवाला), गुरुचरण सिंह (पातलियों), अविनाश झाबा (निहालगढ़), गुरमेल सिंह (कुंजा), सुनील परमार (शिवा), धर्मेंद्र सिंह (बढ़ाना), सुनील कुमार (परदूनी), गुलशेर (मो० अमरकोट), बलदेव सिंह (रामपुर भारापुर), संदीप कुमार (माजरा), हरि सिंह (सैनवाला), अमनदीप (मुग़लांवाला-करतारपुर), अनिल कुमार (अज़ौली), याहिया खान (पिपलीवाला) और साधु राम (टोकियो) सहित अन्य उपप्रधान शामिल हैं।
