पीएनएन ब्रेकिंग :— मुलाकात तो शिष्टाचार थी सिर्फ । किन्तु राजनैतिक विश्लेषको ने इसका भी राजनीतिकरण कर दिया।

पांवटा साहिब — ठलुओ की मण्डली ने अभी हाल ही में पवन चौधरी की जेपी नड्डा से मुलाकात को हवा दी। वही दूसरी ओर पुराने संघी शहर के प्रमुख उद्ध्योग पति एवं समाजसेवी और मूलरूप से बिलासपुर के रहने वाले और वह भी नड्डा के ही शहर के तो स्वास्थ्य आदि की जानकारी और शिष्टाचार भैट को ठलुओ की मण्डली गाल बजाने शुरू कर दिये और इस छोटी सी मुलाकात जो कि आत्मिक थी, व्यवहार था आपसी परिवारिक सम्बन्ध थे उनको भी राजनैतिक दृष्टिकोण से देखना शुरू कर दिया क्यो कि अब थोडे ही माह बाद 2027 के विधानसभाई चुनाव आने वाले है यानि कि सिर पर है। जिसे लेकर चौराहो नुक्कडो सैल टेलीफोन पर और सोशल मीडिया के जमाने में एक पोस्ट डालते हीवायरल होना स्वाभाविक है और उस पर एसी कमरे में , बिस्तर में या आफिस में बैठे और जहां चाय फोकट की मिल जाए तो पकोडे भी फोकट के आ ही जाते है। मन मर्जी का कमेन्ट्स कर दो कौन पूछने है। आखिरकार लोकतंत्र हैऔर अपनी बात अपने सुझाव, अपनी सोच अपनी मानसिकता दर्शाने विचार रखने की स्वतंत्रता हर व्यक्ति को महिला को युवाओ को है।यह सत्य है।

किन्तु यदि जो जो दो तीन नामो का लगातार और बार बार जिक्र हो रहा है जिसमें चौ0 सुखराम, पवन चौधरी, मदन शर्मा जिसमें चौ0 एक मजे हुए राजनैतिक गणतिज्ञ है। और उन्होने अपने जीवन का अधिकाश समय समाज सेवा के लिये समर्पित ​किया है। वही दूसरी ओर मदनशर्मा ने भी समाज मेे अपना एक बडा योगदान, समाज सेवा, त्याग, लोगो के दिलो मे जगह बनाना, गरीब मजलूमो की अपनी जेब से मदद करना हर किसी के दुख सुख में साथ देना,मौका पर खडे हो जाना आदि आदि शामिल है।

ऐसा नही है कि चौधरी ने जनहित के काम नही किए ताउम्र और लगभग रोजाना 20 घन्टे लगातार समाज की सेवा, पार्टी के लिये दिन राज एक करदिया अपनी सेहत की परवाह किए बगैर जनहित की बाते, लोगो से आत्मीयता, हर व्यक्ति के दुखसुख मे शरीक होना उनकी प्राथमिकता रही वह एक दीगर बात रही है कि कभी कभार बीडीछाप टैक्सी चालक की बातो में आकर कई लोगो से कट गये और मुंह मोड लिया जिसका कही ना कही खामियाजा भुगतना पडा।

और अब बात करे मदन शर्मा की तो सदैव संघ के सच्चे सिपाही के रूप मेे अपनी दावेदारी पेश करते चले आए है। वे मृदुभाषी होने के साथ साथ ईश्वर में आस्था, समाज सेवा मे सबसे आगे, प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर कदम कदम पर प्रशासन के साथ समाज सेवा के लिये कभी मुंह नही मोडा। इतना ही नही अपनी खुद की कम्पनी मे अपने घर से ज्यादा मजदूरो को अपना परिवारसमझ कर उनका पालन पोषण दुख सुख मेे साथ देना शहर हो या प्रदेश जहां भी किसी भी प्रकार की मदद की कोई बात सामने आई स्तम्भ की भांति खडे हो गये

खासबात यह भी है कि बीते कई पंचवर्षीय चुनावो मे आला कमान के हर आदेश का अक्षरश: पालन किया किन्तु दावेदारी मजबूती के साथ पेश की और जो भी आला कमान का आदेश हुआ सिर माथे रखा और आला कमान का सम्मान भी रखा और हां बीच में एक टटपूजियां चुनाव लड बैठा था तो मजबूरी में उसके साथ खडा होना पडा किन्तु दिलो दिमाग से उसके साथ नही थे।

मदन शर्मा द्वारा संघ के विद्यालय को करोडो की भूमि मुफ्त मे सरस्वती विद्या मन्दिर को दान में दे देना जो कि उनके पूर्वजो की जमीन थी दे डाली और एकल विद्यालय का सफल आयोजन वह भी प्रदेशस्तर पर करवाया गया अैार देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन पर उनकी आवभगत में किसी भी प्रकार कदम पीछे नही हटाया।

मदन मृृदुभाषी होने के साथ साथ चिन्तक है, दूरदृष्टा है आगामी परिणामो को देखकर सोच समझकर किसी अन्तिम निर्णय पर पहुचने से पहले कई बार चिन्तन और मनन करते है। स्वावलम्बी होनेके साथ साथ सकारात्मक सोच, शहर को लेकर एक विजन लेकर अपने दिलो दिमाग मे रखते है। ला ग्रेजुएट भी है।और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता होने केसाथ साथ कई व्यवसायो को एक साथ चलाने की क्षमता उनमें विद्यमान है। सत्य को सत्य और झूठ को झूठ बोलने का मादद्दा भी रखते है।

ओर जो अफवाह अन्य लोगो के नड्डा से मिलने की तस्वीर जो सोशल मीडिया पर छोड कर पेश की जा रही है वे अभी मदन शर्मा की तुलना मे बच्चे है। किन्तु फिर भी मदनशर्मा का कहना है दावेदारी मजबूती के साथ पेश करेगे किन्तु अन्त मे जो भी हाई कमान का फैसला होगा उसका स्वागत किया जाऐगा और अक्षरश: पालन भी किया जाऐगा।

मदन शर्मा ने कहा कि लोगो को बाते करने दो लोकतंत्र है किन्तु मै तो उनके मूलगांव से ताल्लुख रखता हूंऔर पारिवारिक सम्बन्ध है इस लिये कुशलक्षेम पूछने गया था।

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