पांवटा साहिब :— सिविल हस्पताल पांवटा में शौचालय के बदहाली का ठीकरा अब लोनिवि के सिर फोड दिया है। बीते रोज मीडिया तंत्र ने हास्पीटल में शौचालयो की बदहाली की खबर प्रमुखता से उठाई और अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन तमाम मीडिया कर्मियो ने बखूबी निभाया किन्तु ना तो प्रशासन चेता और ना ही सम्बन्धित अन्य विभाग के अधिकारियो की कुम्भकरणी नीद टूटी। हालां कि मीडिया के बन्धु लगातार इस संदर्भ में मरीजो के साथ हो रहे दुर्रव्यवहार, लापरवाही अनियमितताए, परेशानियो को लेकर बार बार इस संदर्भ को उठाते रहते है। किन्तु ना तो कोई नेता सुन रहा है और ना ही विधायक बनने का ख्याव देख रहे स्थानीय नेता।



खास बात हे कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मियो ने एक पोस्टर महिला शौचालय पर लगा दिया है कि दो चार दिन में ठीक हो जायेगा किन्तु अन्दर की बात सम्भवतया किसी को नही पता। पीएनएन इस बात का खुलासा बडे ही ठोस रूप में कर रहा है। पितामह के ठोस सूत्र बता रहे है कि स्वास्थ्य विभाग के नियमो के तहत जैसे ही शौचालय की मरम्मत होने की बात सामने आई तो सरकारी नियमो के मुताबिक एक लाख रूपया लोनिवि को सौप दिया था। जो तीन माह पूर्व भेज दिया गया था। किन्तु लोनिवि के अधिकारियो की तीन माह मेे अभी तक नीदं नही टूटी है। और मरीज व उनके साथ आए तीमारदार परेशान हो रहे है और ठीकरा स्वास्थ्य महकमा पर फोडा जा रहा है जिससे स्वास्थ्य महकमा की बदनामी का सामना करना पड रहा है जब कि हकीकत मे यह काम तीन माह पूर्व लोनिवि को कर देना चाहिए जो कि आम जन मानस को पता नही है। साथ ही आरकेएस के प्रधान/चेयरमैन एसडीएम पांवटा को इस मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए लोनिवि से जवाब तलबी करनी चाहिऐ थी जो कि अभी तक नही हुई है आखिर इस लापरवाही और बदइन्तजामी जनता क्यो भुगते। अधिकारी भी चुप, नेता भी चुप, विधायक बनने का ख्वाब देखने को भावी नेता भी चुप, सभी की चुप्पी इस बात का घ्योतक कि नेता बनने के बाद सभी ने अपनी अपनी राजनैतिक रेाटियां सेकनी है और जनता को हिन्दू मुस्लिम, मन्दिर मस्जिद कहकर लडवाया और भ्रमित कर वोट बटोरना ही है।
वास्तुस्थिति मौका पर यह है कि महिलाओ को पुरूषो के शौचालय का प्रयोग करना पड रहा है जहां शौचालय मेे सीट तकनही है हाथ धोने के लिये टूटी भी नही है। अब सवाल उठता है कि हास्पीटल का सुरक्षातंत्र टूटी चोरियो तक को नही रोक पा रहा है तो फिर किस बात की तनख्वाह ले रहे है। आरकेएस के प्रधान को चाहिए कि सुरक्षा कर्मियो से भी जवाब तलबी की जाए आखिर शौचालय की टूटियां गयी तो गयी कहां यदि चोरी हुई तो सुरक्षा कर्मी क्या कर रहे थे। सीसीटीवी क्यो लगाए गये है। सवाल है कि क्या सुरक्षा कर्मी मरीजो के साथ आए लोगो को धमकाने के लिये रखे गये है। सवाल तो सवाल है जबाव मांगना और जवाब देना प्रशासन का काम
