पीएनएन ब्रेकिंग :— एकता और अखण्डता मिसाल कायम होगी शहर में ।

पांवटा साहिब — आगामी 17 नवम्बर को शहर में एकता और अखण्डता की बेमिसाल मिसाल कायम होने जा रही है। यह आयोजन शहर की विभिन्न संस्थाओ द्वारा एकजुट हो सामाजिकता मानवता व एकता अखण्डता की मिसाल कायम करेगा। जिसकी पहली पांवटा साहिब वेलफैयर सोसाइटी द्वारा सराहनीय कदम उठाया गया है। जो कि पांवटा साहिब स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाना है। यह जानकारी गुरूदीप सिंह गैरी के प्रवक्ता चरणजीत सिंह ने मीडिया को देते हुए बताया कि पांवटा साहिब के स्थापना, निर्माण, विकास एवं प्रगति में योगदान देने वाली विभिन्न संस्थाओं, समितियों एवं सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाकर शहर का स्थापना दिवस सामूहिक रूप से मनाने की दिशा में श्री पांवटा साहिब वेलफेयर सोसाइटी द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी कड़ी में आगामी 17 नवंबर 2026 को पांवटा साहिब का स्थापना दिवस भव्य एवं गरिमामय ढंग से मनाने के उद्देश्य से शहर की विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होटल फिनिक्स में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री पांवटा साहिब वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष स. गुरदीप सिंह गैरी ने की।
बैठक में स्थापना दिवस समारोह की रूपरेखा, आयोजन की रूपरेखा तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। नरेंद्र पाल सहोता (एन.पी.एस. सहोता) ने प्रस्तावित स्थापना दिवस कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोजन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब का स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर शहर के इतिहास, गौरवशाली परंपराओं, विकास यात्रा और सामाजिक एकता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर होना चाहिए।
इस अवसर पर अजय शर्मा ने श्री पांवटा साहिब वेलफेयर सोसाइटी द्वारा सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों एवं गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और सामूहिक प्रयासों से बनती है। इसलिए शहर के स्थापना दिवस को सफल बनाने में सभी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
श्री पांवटा साहिब वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष गुरदीप सिंह गैरी ने बैठक का संचालन करते हुए स्थापना दिवस समारोह आयोजित करने के मूल उद्देश्य को सभी प्रतिनिधियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पांवटा साहिब के विकास में योगदान देने वाली सभी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों को एक साझा मंच प्रदान करना है, ताकि शहर की उपलब्धियों, ऐतिहासिक विरासत और भविष्य की विकास संभावनाओं को सामूहिक रूप से सामने लाया जा सके।
बैठक में उपस्थित विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों के अध्यक्षों तथा प्रतिनिधियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव प्रस्तुत किए। सभी ने इस पहल का स्वागत करते हुए स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि आयोजन में शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान को प्रमुखता दी जाए तथा अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। पांवटा साहिब स्थापना दिवस कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप प्रदान करने के लिए आगामी बैठक 5 नवंबर 2026 शाम 5:00 बजे होटल फिनिक्स में आयोजित होगी जिसमें सभी धार्मिक सामाजिक सांस्कृतिक एवं खेल संगठनों सहित गण मन ने व्यक्तियों को सादर आमंत्रित किया गया है।
बैठक में किसान महासभा, खाटू श्याम सेवा समिति, सनातन धर्म महासभा, महाराजा अग्रसेन समिति, हरि यमुना समिति, विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रतिनिधि, तिब्बतियन वेलफेयर सोसाइटी, जाट महासभा, पूर्व सैनिक संगठन, चौधरी फाउंडेशन, सिख नौजवान सेवा जत्था, पशुपतिनाथ कोऑपरेटिव सोसाइटी बैंक, अखिल भारतीय सैनी समाज, सैनी वेलफेयर सोसाइटी तथा खालसा स्पोर्ट्स क्लब सहित अनेक संस्थाओं एवं संगठनों के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती निर्मल कौर, स. एन.पी.एस. सहोता, सर्वशक्ति भटनागर, विकास वालिया, रजनीश गुप्ता, ओमप्रकाश कटारिया, नवीन शर्मा, पुष्पेंद्र पाहवा, त्रिलोक सैनी, कमलजीत सैनी, कुलदीप सैनी, पदम गर्ग, नवीन बाबूराम रावत, गुरजीत सैनी, गुरनाम बंगा, चरणजीत सिंह, बलजीत सिंह सैनी,हरीश चौधरी, ग्लैक जाम्यांग, अजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में इस बात पर सहमति व्यक्त की कि पांवटा साहिब का स्थापना दिवस किसी एक संस्था का कार्यक्रम न होकर पूरे शहर का साझा उत्सव होना चाहिए। विभिन्न संस्थाओं के आपसी सहयोग, समन्वय और सामूहिक सहभागिता से इस आयोजन को यादगार बनाने का संकल्प लिया गया।
उल्लेखनीय है कि यह पहल पांवटा साहिब की सामाजिक एकजुटता, आपसी सद्भाव और शहर के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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