पांवटा साहिब — भाजपा के जन प्रतिनिधि सम्मान समारोह के बाद सियासी हलचल तेज हो गयी है। कांग्रेस के युवा नेता अवनीत लाम्बा ने कमर कस मैदान में उतर चुके है। हालांकि वे अन्दरखाते कई आयोजनो में नजर भी आते है और अपनी तीक्ष्ण बुद्धिमता, दूरदृष्टा आदि आदि का प्रयोग करते हुए राजनैतिक गोटियां फिट करने और सामन्जस्य बिठाने में भी माहिर माने जाते है। वे कांग्रेस के कई पदो पर आसीन भी रह चुके है। और यहां तक कि वर्तमान परिपेक्ष्य में कई कबीना मंत्रियो सहितसीधे तौर पर सीएम के भी सम्पर्क मे है। यह भी सही है किआगामी 27 केचुनाव के लिये टिकिट की दोड में अव्वल चले हुए है और यह भी सही है कि मण्डल काप्रधान ना बनने के बाद भी हरप्रीत रतन के साथ दिखाई दिए कई आयोजनो में जिससे कांग्रेस को तो बल मिला ही साथ ही हरप्रीत रतन का भी कद बढा। इधर मण्डल प्रधान ने नई कार्यकारिणी बनाकर कांग्रेस को एकजुट करने का काम कर तो रही है किन्तु इस प्रयोगिक कार्य में अवनीत लाम्बा की अहम भूमिका नजर आ रही है। और सही बात तो यह भी है कि बीते चार सालो में पांवटा साहिब में एक भी सडक बनाने में कांग्रेस नाकामयाब रही है। और अनदेखी शहर की गई है। और व्यवस्था परिवर्तन में ऐसे ऐसे अधिकारी कुर्सी हथियाए बैठे है जिन्होने शहर का बेढा गरक करके रख दिया है।
अब बात आती है सुखराम के सार्वजनिक तौर कांग्रेस पर तोहमत लगाने की। लाम्बा ने पलट वार करते हुए मीडिया के समक्ष कहा है जिस पुल पर वे पाजामा उठाकर चल रहे थे वह कांग्रेस सरकार मेंबना। हास्पीटल राजावीरभद्र सिंह की देन है। जिस स्कूल में उनकी धर्मपत्नी ने 12 सालो तक नौकरी की वह भी राजा वीरभद्र सिंह की देन है। शहर का डिग्री कालेज राजा वीरभद्रसिंह की देन है। इसके अलावा उन्होने आवेश आवेश में यह भी कह डाला कि एक ओर तो महामंत्युजय का हवन करवाया जा रहा है उनकी दीर्घायु के लिये और आनन फानन में वे अपने आपको पूर्ण स्वस्थ्य बताने के लिये शक्ति प्रदर्शन कर रहे है। कुर्सिया जानबूझ कर कम लगाई गयी ताकि लोगो खडै होकर सुनना पडे और लोगो में सन्देश जाए कि लोग खडे खडे भी सुन रहे थे।
मंच से देश में बेरोजगारी की बात नही हुई, ई—20 की बात नही हुई, चन्दा चोरी की बात नही हुई पेपर लीक की कोई बात नही हुई, जन्तर मन्तर पर जो प्रदर्शन चला हुआ है उसकी भी कोई बात नही हुई। सिर्फ और सिर्फ जनता को बरगलाने और मोदी के नाम की माला जपी गयी। उन्होने कहा जो केन्द्र का पैसा है वह प्रदेश का हक बनता है वह कोई सुखराम के घर का पैसा नही है।
उन्होने यह भी कहा कि वे दमदारी से टिकिट के लिये आवेदन करेगे और ऐसे समीकरण बिठाएगे किअबकी बार भाजपा के माथे पर चिन्ता की लकीरे दिखेगी।
