सवालो के मकड़जाल में आईआईएम प्रबन्धन
पांवटा साहिब — बीते दिनों देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएम धौलाकुआ में हुई संदिग्घ परिस्थितियो मे हुई युवक की मौत के मामले में आखिरकार माजरा पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पडी जब मृतक के पिता ने कई सवालो की झडी लगा दी। सवालो की झडी देख अन्ततोगत्वा पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करनी पडी ।
मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि मौका—ए—वारदात की स्थिति को देखते हुए हत्या को आत्महत्या में तव्दील करने का प्रबन्धन पूरा पूरा प्रयास कर रहा है। सबसे बडा सवाल यह उठता हेै कि पुरूष हास्टल में आखिरकार चुन्नी किसकी थी कहां से आई किसके द्वारा पंखे तक पहुचाई पंखे और पलंग की दूरी कितनी है वहां तक मृतक युवक पहुंचा कैसे रिवाल्विग चेयर कहां थी पंखे में चुन्नी की गांठ किसने लगाई दूसरे छोर पर गांठ कहां गायब हो गयी। तीन दिनो तक अभिभावको को सूचित क्यो नही किया गया। अपने बेटे का कमरा पूरी तरह से मां ठीक करके गई थी उसके कमरे मे कोई चुन्नी थी ही नही। पुलिस के पहुंचने से पहले ही समस्त छात्रो को कहां गायब कर दिया गया और क्यो गायब किया गया इसके पीछे क्या मंशा थी प्रबनधन की। सीसीटीवी फुटेज, आदि आदि तकरीबन दर्जनो सवाल ऐसे खडे किए मृतक के पिता ने कि प्रबन्ध तंत्र की धोती ही खोल के रख दी।
सनद रहे कि इसी प्रबन्धन के कार्यकाल में अभी कुछ ही दिनो पूर्व दो महिलाओ ने शोषण के आरोप भी लगाए थे जिनका मामला माजरा पुलिस में दर्ज हुआ था। जिसके बाद से वर्तमान प्रबन्धन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खडे हो गये और देश के प्रतिष्ठित संस्थान की चादर में दाग लग गया। साथ ही संदिग्ध परिस्थितियो में हुई मौत ने तो संस्थान की चादर ही दागदार कर दी।
मृतक के अभिभावको में पिता माता और चाचा आदि सभी ने एसपी सिरमौर से मांग की है कि इस मामले को हत्या के दृष्टिकोण से देखते हुए जांच की जाय प्रबन्धन द्वारा फैलाई जा रही झूठी और मनगढन्त बातो से आम जनता को सचेत करते हुए मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कर न्याय दिलाई जाए ।
