पांवटा साहिब — अब हास्पीटल के प्रबन्धन द्वारा बरती जा रही अनियमितताओ एवं कारगुजारियो पर लगाम लगाने एवं आरामपरस्त डाक्टर, स्टाफ व नर्सो के व्यवहार आदि आदि को लेकर शहर के समाजसेवी, एवं श्री पांवटासाहिब विकास मंच के फाउण्डर जीएस चौहान जो कि सिरमौर से एक अधिकारी के पद से सेवा निवृत हुए है ने कमर कस ली है। उन्होने आगामी अपने तयशुदा कार्यक्रम के बाद हास्पीटल की सुध लेने के लिये लिखा पढी एवं दस्तावेज तैयार करना शुरू कर दिया है। साथ ही यह भी ऐलान किया है हास्पीटल प्रबन्धन और कुव्यवस्थाओ को लेकर चार मरीजो को भी सामने बिठाया जाऐगा।
जिन नौ मुख्य बिन्दुओ पर वस्तुनिष्ठ जानकारी और बैठक की मांग की गयी है वे इसप्रकार है।
- स्टाफ की स्थिति: स्वीकृत पदों की तुलना में कितने डॉक्टर, पैरामेडिकल और तकनीकी स्टाफ कार्यरत हैं और क्या कमी से सेवाएं प्रभावित हो रही हैं?
- दवाओं की उपलब्धता: निःशुल्क दवा वितरण केंद्र में कौन सी आवश्यक दवाएं उपलब्ध-अनुपलब्ध हैं और सर्वाधिक खपत वाली दवाओं की कमी को कैसे पूरा किया जा रहा है?
- बाहरी केमिस्ट से दवा की शिकायत: क्या मरीजों को बाहर किसी विशेष केमिस्ट से दवा खरीदने के निर्देश दिए जाने की शिकायतें मिली हैं और इसे रोकने के लिए क्या पारदर्शी व्यवस्था है?
- लैब व टेस्ट सुविधाएं: पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, डायलिसिस जैसी सुविधाएं कितनी कार्यशील हैं और यदि बंद हैं तो कारण क्या है?
- उपकरणों की मांग: यदि उपकरण उपलब्ध नहीं हैं तो क्या NPCDCS योजना या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत मांग भेजी गई है?
- प्रशासनिक ढांचा: स्वच्छता, सुरक्षा, ओपीडी पंजीकरण में कतार प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं की क्या व्यवस्था है और शिकायत निवारण के लिए कोई सक्रिय कमेटी है या नहीं?
- मूलभूत सुविधाएं: मरीजों और तीमारदारों के लिए बैठने की जगह, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, व्हीलचेयर/स्ट्रेचर की क्या स्थिति है?
- ट्रामा सेंटर: निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर की अद्यतन स्थिति क्या है और यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
मंच ने उपरोक्त बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा के लिए SMO से बैठक का अनुरोध किया है। मंच के प्रतिनिधिमंडल में 4 भुक्तभोगी मरीज या उनके तीमारदार भी शामिल रहेंगे
