पांवटा साहिब — शहर की चेयरपर्सन निर्मल कौर के वार्ड से नपा मे आई शिकायत झूठी पाई गयी। जिसमें गली के कुछेक महिलाओ व पुरूषो ने शहर के प्रतिष्ठित परिवार जो कि पीढी दर पीढी यहां रहते चले आ रहे है और उनके पुरखो की जमीन पर गिद्द्ध दृष्टि जमाए कुछ लोगो ने नपा में शिकायत दर्ज करवाई थी कि बिना अनुमति अमुख व्यक्ति मकान बना रहा है और सडक पर पिलर लगाने शुरू कर दिए है। और जब मामला नपा के पास पहूचा तो नपा के जूनियर इंजीनियर ने मौका मुआयना किया। हालांकि इससे पूर्व एक नोटिस नपा द्वारा भेज दिया गया था कि काम रोक दिया जाए किन्तु भूस्वामी अपनी जगह सही था और कानून के दायरे में रहकर मकान बना रहा था जो कि टीसीपी द्धारा पास भी था किन्तु शहर मे बसे कुछेक अनावश्यक लोगो द्वारा शहर के प्रतिष्ठित व्यक्ति की साख पर बट्टा लगाने और परेशान करने की नीयत से सारा का सारा ड्रामा खेला गया। और जब नपा के जूनियर इंजीनियर ने मौका पर जाकर जमीन की नाप नपाई की तो भूस्वामी सही पाया गया।
इसके बाद सभी लोग निर्मलकौर के नेतृत्व में एसडीएम पांवटा के सन्मुख शिकायत लेकर पेश हुए एसडीएम पांवटा ने जेई को फोन कर लोगो की परेशानी को देखते हुए त्वरित काम रोकने के मौखिक आदेश नपा जेई को दिए। इतने में सूचना मिलते ही भू स्वामी समस्त दस्तावेज लेकर एसडीएम पांवटा के सन्मुख पेश हुए और हकीकत से अवगत कराया। तब कही जाकर मामला शान्त हुआ।
अब खासबात यह है कि जब गली तंग थी तो वहां प्लाट खरीदे क्यू। और गली के मुहाने पर जब रास्ता नौ फुट का है तो प्लाट खरीदने से पूर्व ही देखना था कि गली तंग है। जब वहां मकान बनाए क्यू और जब पैतिृक सम्पत्ति के स्वामी ने मकान बनाना शुरू किया तो अनावश्यक शिकायत बाजी किस बात की पर्दे के पीछ कहानी और कुछ और ही है। जिसे सार्वजनिक नही किया जा सकता और ना ही पत्रकारिता के ऐथिक्स मे आता है।
किन्तु इससे भी ज्यादा हैरत की बात है कि शिकायत कर्ताओ ने सडक पर ही तकरीबन तीन फुट तक रैम्प निकाले हुए है और नया मकान बना रहे भूस्वामी से उम्मीद की जा रही है कि वह वाहनो के लिये जमीन छोड दे। इससे भी ज्यादा ताज्जुब की बात है कि मकान के बाहर एक से डेढ फुट तक क्यारियां बनाकर पौधे लगाए हुए है। वहां भी खुद ही नपा की सडक पर क्वजा किया हुआ है जिससे रास्ता तंग हो गया है।
जहां जहां इस प्रकार की तुच्छ मानसिकता वाले लोग बसे हुए है वहां वहां इस प्रकार की समस्याऐ पैदा कर रहे है हालांकि समस्या है नही किन्तु परेशान करने की नीयत से दुष्प्रचार, शिकायत आदि आदि का दौर चला हुआ है।
