पीएनएन ब्रेकिंग :— रंग लाती है हिना पत्थर पै घिस जाने के बाद । बुलन्दियो पर अंकिता नेगी।

पांवटा साहिब :— किसी कवि ने कहा है कि दृढ़ निश्चय से बढे चलो चरणो में लक्ष्य झुुकेगा। यह पक्ति एकदम अंकिता नेगी के जीवन पर सटीक बैठती है। अंकिता नेगी एक किसान परिवार से निकली हुई वह बालिका थी जिसे दीन दुनिया व समाज की कोई परख नही थी किन्तु जीवन में एक आत्म विश्वास, दृढ़ निश्चय, सकारात्मक सोच और कुछ ना कुछ बनने की चाह ने आज उन्हे इस मुकाम पर पहुंचा दिया कि देश के प्रतिष्ठित चैनल टीवी 100 में बतौर एंकर अपनी सेवाए दे रही है। जीवन के इस दौर में उन्होने कई ज्वार भाटा देखे कई बसन्त देखे सुख और दुख सब कुछ झेलती हुई अपने दृढ निश्चय से बढती रही और अटल विश्वास लिये आखिरकार मुकाम हासिल कर ही लिया।

अंकिता नेगी ने जीवन की शुरूआती दौर की कहानी कुछ इस प्रकार है कि हरवर्टपुर से टैम्पू तक का किराया तक नही था पैदल ही पांवटा साहिब पहूंची गुरूघर में आकर लंगर छका गुरू महाराज के चरणो में शीश नवाया और मन्नत मागी कि गुरू महाराज जैसे आपने इस पांव टिका कर इस भूमि का पवित्र किया ठीक उसी प्रकार मुझे आशीष प्रदान करे और मेरा भी पांव इस देव भूमि में टिक जाए। इधर उधर छोटीमोटी नौकरी करने के बाद जैसे तैसे पेट पालन करती रही किन्तु ना तो किसी के सामने झुकी और ना ही किसी से डरी किन्तु मन मेंएक आत्म विश्वास लिये कि किसी ना​ किसी दिन कुछ नाकुछ बन कर दिखाउगी। यही ​उनका आत्म विश्वास उनको कहां से कहां ले गया जिनकी पहचान एक राष्टीय स्तर पर है।

इस कठिन जीवन की शुरूआत बतौर पत्रकार उन्होने स्थानीय चैनल से की और अपनी बुलन्द आवाज की स्वामिनी अंकिता नेगी ने स्थानीय चैनल को शिखर तक पहूुंचा दिया। और इसके साथ साथ अपनी शिक्षा दीक्षा भी नही छोडी साथ साथ पढाई भी करती रही और मास कम्युनिकेशन में शिक्षा हासिल कर जैसे ही मौका मिला टीवी 100 में ज्वाइन किया और रातो रात नोएडा के लिये रवाना हो गयी। इस दोर में साथ के ही कुछ मित्रो ने उनको नीचा दिखाने और लैग पो​लिग भी करने का नाकाम प्रयास किया जो कि सफल नही हो सके। उन्होने कभी किसी को ना तो जवाब दिया और ना ही किसी के प्रति कुण्ठा मन में रखी और अपने लक्ष्य की ओर देखती रही। इतना ही नही शहर के कुछेक बुद्धिजीवियो ने इस दौर में उनका साथ दिया आत्म विश्वास बढाए रखाऔर समय समय पर मदद के लिये आगे भी आते रहे। और आज उनका सीना और सर भी गर्व से उंचा है कि चलो किसी बालिका को आज इस मुकाम तक पहूुचाया वाहे गुरू ऐसे सामाजिक मन से सच्चे लोगो पर विशेषतया मेहरबान होते है। गुरू महाराज की विशेष अनुकम्पा ऐसे लोगो पर होती है। और अंकिता नेगी पर आज फोन तक उठाने की फुरसत नही है एक एक दिन में कई ऐपीसोड में एंकरिग करती दिखाई देती है। सलाम है इस बालिका को।

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