पीएनएन ब्रेकिंग — सरकार की करतूतो ने झकझोर कर रख दिया प्रत्याषियो को।

पांवटा साहिब — 2026 के निकाय चुनाव का अन्तिम चरण पूरे चरम पर है। हालांकि निकाय चुनाव पार्टी ​सिम्बल पर नही हो रहे है। यह चुनाव उम्मीदवार का चेहरा चाल और चरित्र पर होता है कि कौन समाजसेवी है और कौन जुझारू है। किन्तु कहीं ना कही पार्टी का नाम लेकर निचले स्तर के नेता अपना वर्चस्व कायम रखने के लिये पार्टी का नाम देते हुए नजर आते है।

विगत तीन दशको बाद पहली मर्तबा ऐसा माहौल देखने को पांवटा साहिब में मिला है कि कांग्रेस समर्थित प्रत्याषी अपने आपको निर्दलीय बता रहे है। कांग्रेस का नाम तक लेने से डर रहे हैं भयभीत हो रहे है। क्यो कि शहर में बीते साढे तीन वर्षो मे कोई भी विकासकार्य नही हुए। सडके इतनी बुरी तरह से टूटी हुई है कि आम आदमी को दोपहिया वाहन व छोटे वाहनो में लगातार मरम्मत के लिये जाना पड रहा है पैदल चलना तक दूभर हो गया है। यह सब प्रदेश सरकार की नाकामी और फेल्योर है। जिसके चलते अबकी मर्तबा चुनाव मे उम्मीदवार बजाए अपने आपको कांग्रेसी कहकर वोट मांगे इस बार अपने आपको निर्दलीय बता रहे है।

वही दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी डंके की चोट पर सरकार पर और कांग्रेस पार्टी पर प्रहार पर प्रहार कर रही है और डंके की चोट पर चौ0 सुखराम लगातार और बार बार भारी अस्वस्थ होने के बावजूद भी भाजपा समर्थित प्रत्याषियो के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे है। और यह भी निश्चित है कि वर्ष 2027 में भाजपा की सरकारप्रदेश में बनना तय है जिसके चलते भाजपा समर्थित प्रत्याषियो का मनोबल उंचा है।

इतना ही नही 2027 में भाजपा सरकार बनने की उम्मीद में ही जीतने के बाद कई प्रत्याषी भाजपा में शामिल होने और भाजपा का ही चेयरमैन/चेयरपर्सन बनाने के लिये आतुर दिखाई दे रहे है।

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