पांवटा साहिब — कांग्रेस आला कमान के निर्णय से नाखुश पांवटा साहिब के कट्टर काग्रेसियो ने सरदार हरप्रीत सिंह का जमकर विरोध करना शुरू कर दिया है। नियुक्ति के आरम्भिक दौर में सोशल मीडिया पर भडास निकाली जा रही थी किन्तु अब वास्तव में कांग्रेसियो ने लोनिवि के प्रांगण में सार्वजनिक स्थल पर जमकर विरोध दर्ज किया इस मौके पर किरनेश जंग व अवनीत लाम्बा सहित दर्जनो की संख्या में दूर दराज के क्षेत्रो से भी दिग्गज कांग्रेसियो ने उपस्थिति दर्ज कर आला कमान के निर्णय से नाराजगी व्यक्त की।
इस अवसर पर अवनीत सिंह लाम्बा सहित कई अन्य पुराने व दिग्गज कांग्रेसियो ने अपने अपने विचार रखे अवनीत सिंह लाम्बा का वक्तव्य नपा तुला व आपस में एक दूसरे को जोडने वाला माना जा रहा है। वही किरनेश जंग ने भी अपने एक व्यान मे सोशल मीडिया पर यह कह दिया कि उन्होने चार नाम दिए थे उनमे से किसी को नही चुना गया बल्कि उनको सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि वे मण्डल अध्यक्ष नियुक्त किए गये है।
वही कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं सामाजिक तौर पर सकारात्मक इमेज व अपनी मृदू भाषिता का पर्याय बने आजभोज क्षेत्र के उद्यमी मनीष तौमर ने भी जमकर विरोध दर्ज किया।
बताते चले कि सरदार हरप्रीत सिंह रतन कई बार विधायक व सीपीएस रहे स्व0 सरदार रतन सिंह केि पौत्र है। और उनके देहावसान के बाद वे कांग्रेस को सम्हालने यानि कि अपना कुनबा सम्हालने मे और जनता के बीच बने रहने में नाकामयाब रहे और जनता से दूरी ही बनाए रखी। और जैसे ही मौका मिला अपनी खुन्नस निकालने के लिये कांग्रेस प्रत्याषी को मात देने के लिये भाजपा की झोली में जाकर बैठ गऐ थे और अभी हाल ही में कांग्रेस में पुन: पदार्पण कर लिया और मण्डल अध्यक्षका पद हासिल कर लिया। हालांकि वे एक नेकदिल इंसान है किन्तु सामाजिक और राजनैतिक दृष्टिकोण से नगण्य है। जनता में पैठ नही है सामाजिकता से कोसो दूर माने जाते रहे है। देखना होगा कि इतने भयंकर विरोध के बाद वे किस प्रकार किस रणनीति से या किस कूटनीति से अपनी कुर्सी बचाए रखेगे और या बेढा ही गर्क करके मानेगे। जिस प्रकार विरोध हो रहा है। उस दृष्टि से तो गई भैस पानी मे आगामी चुनाव में।
