पांवटा साहिब — द ग्रेट खली के दावो की उस समय बखिया उधेड दूध का दूध और पानी का पानी कर डाला शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिन्दर सिंह पढेर ने जब उन्होने पत्रकार वार्ता आहूत की। और बताया कि किस प्रकार खली किसी दूसरे की जमीन अपनी बताकर तमाम मीडिया तंत्र को भ्रमित करते हुए जांच पर दवाब बनाना चाह रहे है।
अनिन्दर सिंह नौटी ने सर्व प्रथम खली के उन शव्दो की निन्दा की जो पत्रकार वार्ता में लाइव आकर उन्होने प्रयोग किए उसके बाद उन्होने तमाम मीडिया कर्मियो को सम्बोधित करते हुए बताया कि जिस जमीन की वे बात कर रहे है और दावा कर रहे है उस जमीन में ना तो वे मालिक है और ना ही हिस्सेदार है। जब कि वह जमीन 2012—13 में खरीद की है जिसके स्वामी ज्वालाराम है और वह भी खाता नम्बर 8 में स्वामी है जब कि जो विवाद है वह खाता नम्बर 6 है जिसमें ना तो वे मालिक है ना ही काविज है अैार ना ही हिस्सेदार ।
अधिवक्ता ने आगे यह भी कहा कि जब जमीन खरीद की गयी उस समय वह जमीन तकरीबन 43 लाख रूपये में खरीद की गयी थी। तो सार्वजनकि तौर खली यह भी बताऐ कि उनके पिता जी ने या उन्होने खुद ने उस रकम को कही भी आयकर विभाग की रिटर्न में उल्लेख किया है। और यदि उन्होने अपने पिता को पैसा दिया भी तो क्या उन्होने खुद ने उल्लेख किया है।
यह भी स्पष्ट किया कि जिस प्रकार वे स्थानीय तहसीलदार ऋिषभ शर्मा के नाम का बार बार उल्लेख कर रहे है यह पूरा का पूरा मामला उनके पास था ही नही यह पूरा का पूरा मामला नायब तहसीलदार के पास था और सारी की सारी कार्यवाही नायह तहसीलदार ने की तो ऐसे में तहसीलदार को घसीटना या उनकेा बदनाम करना उन पर आरोप लगाना वह भी तत्थ्यो से परे हटकर निहायत ही गलत है।
यह भी बताया कि अभी कुछ समय पूर्व उन्होने अदालत में एक सिविल सूट फाइल किया है जिसमेंउन्होनेे खुद ही उल्लेख किया है कि वह खाता नम्बर 8 के स्वामी है।
इतना सब कुछ बताने के बाद यह तो स्पष्ट हो गया कि तहसीलदार को अनावश्यक रूप से किसी व्यक्तिगत रंजिश के चलते घसीटा जा रहा है अनावश्यक रूप से बदनाम करने का षडयन्त्र किया जा रहा है जो कि सर्वदा गलत है बेबुनियाद है और झूठ के पुलिन्दे पर बैठा सच का प्रतीत होता है।
