पांवटा साहिब — सूफी गायिकी के सरताज कहे जाने वाले सतिन्दर सरताज की होली मेला की तीसरी और आखिरी संध्या दमदार, शानदार और जानदार रही। इस अन्तिम संध्या में सूफी गायक सतिन्दर सरताज ने पूरे जोशो खरोश के साथ प्रस्तुति दी और समूचे पण्डाल से तालियो की गड़गड़ाहट और मोबाइल की फलैश लाइटो से वातावरण गुजायमान तो हुआ ही साथ ही श्रोतागण मंत्रमुग्ध भी हुए।
लोगो के दिलो पर राज करने वाले सरताज ने लगातार डेढ़ घन्टे तक प्रस्तुति दी जिसमें खासकर विशेष रूप से उर्जावान होते हुए लोगो को मंत्रमुग्ध करने में कोई कोर कसर नही छोडी। इतना ही नही खासतौर पर भुगरनी गांव का नाम भी लिया और छोटा सा संस्मण बताते हुए पुरानी यादे ताजा की।
लोगो की दीवानगी :— सूफी गायिकी के बेताज बादशाह कहे जाने वाले सतिन्दर सरताज को देखने और सुनने के लिये नगर पालिका के पण्डाल में स्थानीय लोग 6 बजे से ही इन्तजाररत रहे इतना ही नही बाहरी राज्यो के लोगो ने भी आनन्द लिया जिसमें पंजाब, हरियाणा और पडोसी राज्य उत्तराखण्ड के सैकडो वाहन देखे गये। और लोग भी देखे गये।
पुलिस की टाइट फील्डिग :— सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की फील्डिग शानदार रही चप्पे चप्पे पर नजर और सादी वर्दी में भी पुलिस कर्मी पल पल की जानकारी और पत्ते पत्ते पर नजरे गढाए हुए थे। कानून व्यवस्था को कायम रखने और कलाकार की सुरक्षा के दृष्टिगत डीएसपी पांवटा मानवेन्द्र ठाकुर तथा थाना प्रभारी देवी सिंह की रणनीति सफल रही।
विदेशो में भी देखा गया लाइव प्रसारण :— होली मेला की तीसरी और अन्तिम सांस्कृतिक संध्या का लाइव प्रसारण कनाडा में भी देखाा गया। फेसबुक के लाइव प्रसारण का लिंक लोगो ने अपने मिलने वालो को भी भेजा और कनाडा व मुम्बई मे भी लोगो ने सतिन्दर सरताज का सीधा प्रसारण देखा।
कुल मिलाकर तीसरी सांस्कृतिक संध्या लोगो भाई जो कि सरताज की गायिकी का कमाल था जो जख्म स्थानीय जनता को प्रेम ढिल्लो देकर गया वह भी भर गये किन्तु प्रथम दिन की सांस्कृतिक संध्या लोगो के दिलो में जख्म दे गयी। जिसकी मरहम पट्टी सतिन्दर सरताज ने कर दी।