पांवटा साहिब — शहर में भू माफियाओ द्वारा किए गये 15 बीघा जमीन, दो हजार पेड और बिजली के बाता नदी मे पहुचाए जाने के बाद अब अशंकाए यह भी नजर आ रही है कि कही पटवारी /कानूनगो की नजर दो हजार पेडो पर तो नही थी। क्यू कि उस 15 बीघा जमीन में विभिन्न किस्म के पेड खडे थे। और उस जमीन को बाता नदी में दर्शाने के बाद यह तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है कि वन काटुओ के उपर कोई भी मुकदना नही बन सकता था। क्यो कि ना तो वहां राजस्व विभाग में पेड थे और ना ही जमीन फिर कानूनी प्रक्रिया किस बात की। ऐसे में बडा सवाल खडा होता है कि अपने आकाओ को खुश करने के लिये इतनी बडी राजस्व सम्बन्धी वारदात को सरेआम अंजाम दिया जा सकता है और वह भी सेवा निवृति से कुछ वर्ष पहले ही तो शहर में कुछ भी सम्भव है।
पीएनएन की टीम की इस बारे में खेाज परख जारी है आखिर वह 15 बीघा जमीन थी किसकी और किस मंशा से इस वारदात को अंजाम दिया गया। भाग 3 में पटवारी/कानूनगो सहित भू मालिक का नाम भी प्रकाशित किया जाऐगा यदि टीम का एक भी सदस्य यह जानकारी जुटाने में कामयाब हो जाता है तो किन्तु जो भी सूचनाए साझा की गयी है वह मात्र शहर की जनता को आगाह करने के उद्दश्य से की गयी है और मात्र अभी कयास ही लगाए जा रहे है किन्तु इतना तो पुख्ता जानकारी है कि राजस्व विभाग में पटवारी और कानूनगो ने घपला किया।
