पांवटा साहिब — एक साफ सुथरी छवि, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल कहे जाने वाले तहसीलदार पांवटा ऋिषभ शर्मा की छवि को अपनी प्रसिद्धि का अनुचित लाभ उठाते हुए उनकी साख पर बट्टा लगाते हुए उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। खली की द्वितीय पत्रकार वार्ता में उन्होने कई अनुचित शव्दो का प्रयोग भी किया जब कि स्थानीय मजदूर नेता की बाते मानी जाए तो यह भी सही हे कि सिरमौर का मूलरूप से निवासी होने के नाते खली का आज तक सिरमौर के लिये क्या योगदान है।
यह भी सनद रहे कि तहसीलदार पांवटा एक निहायत ही ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठा के धनी व्यक्ति है जिनकी पांवटा में तैनाती से सेकडो नही हजारो की संख्या में लोग खुश है और उनके व्यवहार कुशलता की तारीफ करते नही थकते।
यह भी सनद रहे कि तहसीलदार ऋिषभ शर्मा ने प्राकृतिक आपदा के समय एसडीएम पांवटा गुन्जीत सिंह चीमा के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर दिन रात पीढित लोगो की सहायतार्थ दोडतेनजर आए और अपनी जान की परवाह किए बगैर खतरनाक से खतरनाक स्थानो पर खुद मुआयना किया और हजारो पीढितो को रहने खाने की व्यवस्था भी निस्वार्थ भावना से की। जिसमें एसडीएम पांवटा की भी सराहनीय भूमिका रही।
दूसरी ओर उनके कामकाज व कार्यशैली से प्रभावित होकर प्रदेश उच्च न्यायालय ने लिखित तौर पर उनकी पीठ थपथपाई जो कि रिकार्ड में दर्ज है।
और रही बात कुछ पीढित लोगो के खली केसाथ पत्रकार वार्ता में खडा होने एवं समर्थन करने की तो उनके मामले अभी अदालत मे विचाराधीन है। ऐसे में न्यायालय छोड मीडिया मे आकर व्यान देना भी अदालती काम काज को प्रभावित करना ही माना जा रहा है।
वही सूत्र यह भी बता रहे है कि ऋिषभ शर्मा के पक्ष में आगामी रविवार को भी स्थानीय कई संस्थाओ के लोग भी खली की बातो का जवाब देने के लिये पत्रकार वार्ता आयोजित होने की भी सम्भावनाओ से इंकार नही किया जा सकता है। जैसा कि सूत्र बता रहे है।
इस पूरे प्रकरण को देखने के बाद जिलाधीश सिरमौर ने एसडीएम पांवटा गुन्जीत सिह चीमा को निष्पक्ष जांच के आदेश दिए है। जिस पर एसडीएम पांवटा ने कमर कस ली है एक कमेटी का गठन भी करदिया तथा यह पूरा का पूरा मामला वीडियो रिकार्ड किया जाऐगा ताकि जांच में किसी भी प्रकार की कोताही ना हो और निष्पक्ष जांच हो। एसडीएम पांवटा ने व्यान दिया है कि दोनो पक्षो को लिखित तौर पर सूचित किया गया है जिसमें खली की ओर से 15 दिन का समय मांगा गया है ताकि जांच अधिकारी को दस्तावेज उपलव्ध करवाए जा सके। वही यह भी आरोप खली के द्वारा जड दिया गया है कि राजस्व विभाग के कर्मचारी दस्तावेज उपलव्ध करवाने में आनाकानी व परेशान कर रहे है। यह बात भी जांच अधिकारी के संज्ञान में है। कार्यवाही जारी है।
एक स्थानीय बुद्विजीवी ने बातचीत करने पर कहा है कि जब तक जांच पूरी नही हो जाती तब तक खली को जांच के दौरान मीडिया के माध्यम से दवाब बनाने का प्रयास नही करना चाहिऐ था सिस्टम पर विश्वास रखना चाहिए था। जब कि इस मामले में खुद जिलाधीश सिरमौर संज्ञान ले चुकी है।
