पांवटा साहिब — बुधवार की दोपहर को उस समय वन विभाग के कार्यालय के बाहर जोरदइार नारेवाजी हुई हिन्दूवादी संगठनो ने ज्ञापन भी सौपा। डीएफओ पांवटा को हिन्दूवादी संगठनो के कोपभाजन का शिकार उस समय होना पडा जब डीएफओ की करतूत लोगो के सामने आई।
बताते चले कि बीते दिनों समीप के गांव मानपुर देवडा में मिले गौकशी के अंशो के बाद जब लोग और भी बहुत कुछ तलाश रहे थे तो बाहरी राज्य के शरणार्थियो ने वन विभाग की बेशकीमती लकडी को काट काट कर पराली के नीचे छुपाया हुआ था। हिन्दूवादी संगठनो के सक्रिय सदस्यो ने मौका पर वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाल दी।
मामला तूल पकडता देख डीएफओ ने बचाव के लिये डेमेज रिपोर्ट काटकर अपने कर्तव्य से इतिश्री करते हुए पल्ला झाड लिया। और जब आज आमने सामने हिन्दूवादी संगठन बातचीत करने पहूंचे तो बार बार अपना व्यान पलटते नजर आए यानि कि उन्होने खुली छूट वन काटुओ को दे रखी थी।
मामला उस समय और भी तूल पकड गया जब हिन्दू संगठनो ने तीन दिन का अल्टीमेटम दे डाला और तीन दिन बाद वन विभाग कार्यालय के बाहर बडे स्तर पर भण्डारे के आयोजन का भी ऐलान कर दिया।
डेमेज कन्ट्रेाल में जुटे डीएफओ :— मामला बिगडता देख डीएफओ पांवटा जो हिन्दू विरेाधी, सनातन विरोधी और मीडिया विरोधी की छाप लिये घूमने वाले अधिकारी ने आनन फानन में एक व्हाट्स अप्प ग्रुप बनाया और अपनी बात रखने के लिये सभी को आमंत्रित किया। जब सवाल है कि लम्बे समय से मीडिया कर्मियो को दरकिनार करने वालो को अब मीडिया हाउस की जरूरत क्यो आन पडी। कई मर्तबा कहते सुना गया कि मै मीडिया कर्मियो को मुंह नही लगाता और अब ऐसी क्या मजबूरी थी यह एक सवाल खडा हो गया है।