पीएनएन ब्रेकिंग — प्रतिनिधि मण्डल को एसडीएम की खरी खरी। कहा :— मै बोलने लगा तो कईयो की परते खुल जाऐगी और समस्या हो जाएगी

पांवटा साहिब — मामला बीते रोज का है जब स्थानीय ग्रामीण जब सडक और डम्परो की समस्या को लेकर एसडीएम पांवटा गुन्जीत सिंह चीमा के कार्यालय पहूंचे। जैसे ही प्रतिनिधि मण्डल से उनके समक्ष समस्याऐ रखी तो तुरन्त ही समस्या को भांप गये और सडक के लिये पूर्ण आश्वासन दिया और अन्य विभाग से बातचीत कर समस्या का भी समाधार करवाने के लिये आश्वस्त किया।

किन्तु मजेदार बात यह रही है कि प्रतिनिधि मण्डल में आऐ बीस से तीस लोगो के चेहरे उस समय लटक गये जब एसडीएम ने कहा कि यहां एक ट्रेन्ण्ड चला हुआ है कुछ लोग समस्या लेकर आते है और बाकी के अपनी अपनी सैटिंग कर बात को रफा दफा करने की बात करते है इस बात के उनके पास प्रमाण भी है और वह भी लिखित में है कि कुछ लोग शिकायत करते है जिसमेें एनजीटी तक मामला पहूंचा और दूसरे दिन उन्ही में से शिकायत कर्ता लिखित तौर पर अपनी शिकायत वापस लेने और कोई कार्यवाही ना करने की लिखित तौर पर प्रार्थना पत्र देता है।

एसडीएम ने कहा ऐसा पहली बार नही हुआ है औरएक बार नही हुआ है कई मर्तबा ऐसी ऐसी बाते हुई है जो कि पांवटा में एक ट्रेण्ड चला हुआ है। वे खुद खतवाड से लेकर दूर दराज के गावो में दौरा कर चुके है किन्तु स्थिति ठीक नही है । रही सडक चौडी करने की बात तो वहां लोगो ने खुद ही सडको पर कव्जा किया हुआ है सडक काफी चौडी है किन्तु जिम्मेवारी प्रशासन की ही नही आप लोगो की खुद की भी है। कुछेक लोगो ने जिन क्रशर मालिको के खिलाफ शिकायत की उनके खुद के मकान सडक पर उसी क्रशर से मैटीरियल लेकर मकान तक बनाए हुए है।

एसडीएम ने मीडिया के कैमरो की उपस्थिति में यह भी कहा कि उन्होने पहले कई बार डम्परो को बन्द करवा दिया था किन्तु शिकायत कर्ताओ के खुद के ट्रेक्टर वहां काम पर लगे हुए है और वे खुद ही मामला रफा दफा करने केलिये लिखित तौर पर​ प्रार्थना पत्र दे जाते है। ऐसे में प्रशासन क्या करे।

उन्होने कहा कि हालांकि मै एसडीएम हूं अगर किसी घर के नलके में पानी नही आ रहा है तो इसकी जिम्मेवारी भी मेरी ही है किन्तु यहां तो स्थिति ही कुछ और है। शिकायतकर्ताओ में से कुछ लोग सैटिग कर आते है और प्रशासन का इस्तेमाल करते है। प्रशासन से दवाब बनवा देते है। और सैटिग कर लेते हेै।

खैर कुछ भी हो एसडीएम पांवटा गुन्जीत सिंह चीमा ने खरी खरी तो सुनाई और कईयो के चेहरे भी लटके किन्तु जो कहा वह शत प्रतिशत सही कहा। ठीक इसी प्रकार मीडिया वालो को भी भ्रमित कर उनका प्रयोग कर लोग अपनी अपनी सैटिंग कर लेते है और बुरा मीडिया कर्मी बन जाता है।

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