पांवटा साहिब — हर वर्ष की भांति शहर में होली मेला पर आयोजित होने वाले बब्बूमान के शानदार सांस्कृतिक संध्या में आखिरकार टाट का पैबन्द लग ही गया। उत्तेजित, आकोशित,असंयमित भीड का काबू करने के लिये पुलिस बल को आखिरकार बल का प्रयोग करना ही पड गया।
हालांकि प्रशासन की ओर से सकुशल नेतृत्व व शानदार प्रबन्ध किया गया। जहां प्रशासन जीरो प्रतिशत टालरेन्स की नीति भी अपनाई किन्तु संयम भी दिखाया इतना ही समय से पूर्व ही प्रशासन की ओर से चेतावनी भी दी गयी कि जनता संयमित रहे किन्तु उत्पाती तो अपना उत्पात मचाने से बाज नही आए और भीड में एक असंयमित या यू कहिए बब्बूमान को चाहने वाला समूचे सुरक्षा तंत्र को चकमा देकर आखिरकार मंच पर पहुंच ही गया और अन्त में उनके चरण स्पर्श कर वापस भी आ गया इसी दौरान भीड को असंमित होता देख पुलिस को बल का भी प्रयोग करना पडा।
हालात शहर के ऐसे थे कि पडोसी राज्यो से हजारो की संख्या में बब्बू मान को सुनने लोग पहूंचे शहर के हालातो पर यदि दृष्टि दौडाई जाए तो यमुना पुल से लेकर बद्रीपुरचौक तक दो ओर वाहनो की कतारे देखी जा सकती थी वही दूसरी ओर यमुना पुल से सूर्या कालौनी तक वाहनो की लम्बी कतारे देखी जा सकती थी। ऐसे में बांगरन चौक पर खडी रहनेवाली निजी बसो से यातायात बाधित होता हुआ भी देखा गया हालांकि इस स्थान पर कोई बस का स्टाप नही है किन्तु पुलिस की मिली भगत के चलते यहां20 से 30 मिनट तक बसे खडी रहती है। जो कि पुलिस की नाक तले सरे ओर नियम और कानून की धज्जियां उडती रहती है और पुलिस वाले निजी वाहन चालको के चालान काटते नजर आते है।
प्रशासन की नीदे हराम :— दो हजार से लेकर तीन हजार रूपये तक मंच की चाहते रखने वाले गवैये और नचनियो ने प्रशासन को काफी परेशान किया इतना ही शिमला मुख्यमंत्री कार्यालय से भी किसी ना किसी से फोन पर सिफारिशे आती रही कुछेक शहर के एक्सीडेन्टल छुटभैये सडकछाप नेताओ ने भी सीएम आफिस का हवाला देकर कईयो को मंच प्रदान करवा दिया।
सूत्र बताते है। :— इस समूचे आयोजन को शिमला स्थित किसी निदेशक ने रिमोट से आपरेट किया और स्थानीय प्रशासन उसके हाथो की कठपुतली बन कर रह गया। किन्तु प्रशासन ने बहुत कुछ सहन करते हुए भी अपनी कुशलता का परिचय दिया और यह भी दर्शा दिया कि किसी भी विकट परिस्थिति में हर स्थिति से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है।
