पांवटा साहिब :— थाना प्रभारी विजय रघुवंशी के कार्यकाल को स्थानीय जनता याद कर करके अपने आपमें फक्र महसूस कर रही है। अभी तक लगभग उनके कार्यकाल में दर्ज मामलो में अधिकांशतया सजा सुनाई जा रही है। उनकी कार्यशैली के लोग कायल थे कायल है और कायल रहेगे। आज भी उन्हें लोग कर्तव्यनिष्ठ, सत्यता पर चलने वाले और ईमानदार छवि के स्वामी समझते है।
बताते चले कि जिस समय इंसपेक्टर विजय रघुवंशी पुरूवाला थाना में बतौर थाना प्रभारी तैनात थे उस समय एक महिला सुदर्शन कालौनी वार्ड नम्बर 8 कुंजा मतरालियो में रह रही थी। जिसने अपनी चार वर्षीय बेटी को लोहे की रांड से पीट पीट कर टायलेट सीट पर भी पटक पटक कर मार दिया और बाथरूम में बन्द कर दिया था। मामला 2020 का है। महिला का नाम अरूणा चौहान पत्नी वीरेन्द्र कुमार है। जो कि जिला शिमला की रहने वाली बताई जाती थी।
इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और एक लाख रूपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा ना करने की सूरत में आरोपिणी को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा का भी आदेश दिया है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 182 की तहत 6 माह का कठोर कारावास और एक हजार रूपये कठोर कारावास की सजा सुनाई है। डिप्टी डीए ने बताया कि यह मामला 2 नवम्बर को सामने आया था इस मामले की जांच इंसपेक्टर विजय रघुवंशी जो कि उस समय बतौर थाना प्रभारी तैनात थे स्वयं मामले की जांच की थी और मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया था। और इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी रश्मि शर्मा ने की थी।