पांवटा साहिब — सर्वविदित है कि शहर में रेहडी फडी वालो के साथ साथ स्थानीय व्यवसाईयो ने बेतहाशा सरकारी जमीनो पर कव्जा करते हुए अतिक्रमण किया हुआ है। जिससे यातायात तो बाधित हो ही रहा है अपितु आमजन परेशान है बाजार में निकलना दूभर हो गया। इसके बाद दोपहिया और चार पहिया वाहनो का प्रवेश साथ ही उत्पातियो की भांति बाजार में घुस रहे ईरिक्शा चालक जिससे यातायात प्रभावित होता है साथ ही लोगो को परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है।
इससे भी ज्यादा हद तो वाई प्वाइंट से लेकर बाज्मीकी चौक तक की स्थिति तो और भी ज्यादा भयावह हो गयी है। धन्नासेठो ने बीस से तीस फुट तक सरकारी जमीनो पर कव्जा किया हुआ है। साथ ही सामने खेत वाली साइड बाहरी राज्य के बिना वैरीफिकेशन के आए लोगो ने कव्जा कर करके रास्ते को और भी संकरा कर दिया है शाम के समय वाहनो की कतारे सडको के किनारे खडी पाई जाती है और छौटे व्यवसाईयो ने अपने टेबल कुर्सियां बोर्ड सडको पर रखे हुए है यह भी मुख्य मार्ग है यहां से भी गुरूद्वारा साहिब में संगतो का आना जाना लगा रहता है इसके अलावा शहर में बढती वाहनो की संख्या और जनसंख्या के कारण सडक दुर्घटनाओ का खतरा भी बढ गया है।
ऐसा नही है कि प्रशासन ने इस ओर कोई कार्यवाही नही की है। प्रशासन ने वाकायदा मुनियादी फिरवा कर लोगो को अपील भी कर चुके है। बाजारो मे पर्चे भी छपवाकर आग्रह किया जा चुका है। किन्तु रेहडी वाले फडी वाले स्थानीय व्यापारी और बडे धन्नासेठ हरकतो से बाज नही आ रहे कुछेक तो ऐसे है जिन्होने सरकारी जमीनो पर बीस से तीस फुट तक कव्जा किया हुआ है। तीस रूपये की पर्ची कटवाकर लाखो का व्यवसाय सरकारी जमीन से कर रहे है।
एक बार के एक्शन मोड पर आते हुए तहसीलदार पांवटा ऋिषभ शर्मा एक्सईएन लोनिवि व नगर पालिका परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कार्यवाही की गयी थी। मय पटवारी निशानदेही भी लगाई गयी थी किन्तु उसके बाद विवादास्पद एक्सईएन ढीले पड गये और राजनैतिक लोगो के साथ साथ धन्ना सेठो से सैटिग कर ली। जिसके चलते प्रशासन को अपना कदम पीछे हटाना पड गया। क्यो कि यह सरकारी जमीन लोनिवि की है।
यहां यह भी बताते चले कि इस सरकारी जमीन के साथ लगते खेत वाला बाहरी राज्यो के लोगो से किराया भी वसूल रहा है। सम्भावना यह भी है कि अधिकारी की खेत वाले से सैटिंग की सम्भावनाओ से भी इंकार नही किया जा सकता है क्यो कि लेट लतीफी, टरकोलोजी, और कार्यवाही के नाम पर चुप्पी मार बैठना इसी बात का द्योतक माना जा रहा है।
दूसरी कार्यवाही में तहसीलदार पांवटा ऋषभ शर्मा ने कार्यवाही करते हुए सभी को सचेत कर दिया था। उसके बाद होली मेला शुरू हो गया। तो किसी गरीब का नुकसान ना हो शहर मे पैनिक क्रिएट ना हो इसलिये भी कार्यवाही रोक दी गयी।
किन्तु अब मेले की समाप्ति विधिवत रूप से हो चुकी है। मेला व्यापारी अपने अपने बोरिए बिस्तरे समेटने में जुट गये है। अब स्थानीय लोगो प्रशासन की ओर नजरे गढाए बैठे है कि आखिर कब धन्ना सेठो पर प्रशासन का पीली पंजा चलेगा।