पांवटा साहिब — व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सुक्खू सरकार के नुमाइन्दे विकटतम बदमाशी पर उतर आए है जिसकी शिकायत जिलाधीश सिरमौर को की गयी है साथ ही कर्तव्यनिष्ठ जिलाधीश ने भी त्वरित कार्यवाही करते हुए एसई लोनिवि को जांच के आदेश भी प्रदान कर दिये है।
मामला उस समय उजागर हुआ जब शहर के तेज तर्रार वरिष्ठ अधिवक्ता एसडीएम पांवटा को किसी मामले को लेकर सवाल जवाब कर रहे थे, वे किसानो का प्रतिनिधि मण्डल के अग्रज बनकर पहूचे थे।
बातचीत के सिलसिले के बीच में ही पता चला कि जुगाड़ भिड़ाकर एसडीओ से एक्सईएन बने लोनिवि के अधिकारी की बदमाशी सत्ता की हनक और चाटुकारित के चलते चरम पर है।
आरोप है कि उन्होने अपने घर जाने के रास्ते को चौडा करने के लिये किसानो की जमीन पर ही कव्जा कर लिया और रास्ता चौडा करने में विभाग के मजदूरो को लगा दिया । मामला जिलाधीश के संज्ञान में भी पहूंच गया है।
इधर यह भी बताते चले कि एक्सईएन ने वाई प्वाइंट से लेकर बाल्मीकी चौक तक निशानदेही की थी और जब प्रशासन सक्रिय हुआ तो इसी एक्सईएन ने कोई आई गयी नही दी। सूत्र तो यह भी बता रहे है कि सरकारी जमीन के साथ लगते खेत वाले ने सरकारी जमीन को किराए पर चढाया हुआ है और उसमें एक्सईएन की भी सैटिंग है। हालांकि इस बात की पुष्टि नही की जा सकती किन्तु अधिकारी द्वारा सरकारी जमीन को कव्जा करवाना और कार्यवाही में लेट लतीफी करना इस बात को दर्शा रहा है।
इधर कई मर्तबा एसडीएम पांवटा व तहसीलदार पांवटा इस मामले को लेकर गम्भीरता दिखा चुके है क्यो कि यातायात बाधित होता है और आमजन परेशान है। यातायात व्यवस्था भी बाधित हो रही है किन्तु एक्सईएन निजी स्वार्थ साधने में जुटे हुए है। देखने में तो यहां तक भी आया है कि तीस तीस फुट सरकारी जमीनो पर कव्जा किए धन्ना सेठो ने अधिकारी के आगे माथा भी टेक लिया है इसीलिये कार्यवाही अमल में नही लाई जा रही है। जिससे आम जन परेशान है।
अब देखना है कि सरकारी मशीनरी का जो दुरूपयोग हुआ क्या एसई लोनिवि निष्पक्ष कार्यवाही अमल में लाऐगे और या वे भी विभाग के अपने अधीनस्थ काम करने वाले मुलाजिम के मामले पर लीपापोती करेगे।